The Apple 🍎 of my Eye 👁️ – Short Poem

The Apple 🍎 of my Eye 👁️Short Poem

God is the apple 🍏 of my eye 👀
Who teaches me to rise & fly 🕊️

Loves ❤️ me unconditionally, accepts me fully
Appreciates 👌🏻 me lovingly, forgives mercifully
Comes when called duly, He’s my best friend truly 🙂

My Mother, Father, Beloved 💕 & Guide
Always remains faithfully by my side
Easily takes me across every life’s tide 🌊
Makes life an enjoyable, entertaining ride 🎠

Give your hand in His divine hand
He’s calling us with arms spread
This God’s love 💖 makes life a magic wand 🪄

Short Poem – The Art 🎨 of Happiness

Short Poem – The Art 🎨 of Happiness

To ensure a cheerful & happy face 🙂,
Filled with peace, love & happiness..

Let your mind smile with good thoughts 💭
By filling in positive information lots!

Enjoy few meditative 🧘 moments of silence 😌
Open your heart to God’s love ❤️ once!

Look to care, share, inspire & give;
This is the biggest happiness; the way to live!

Short Poem – The power of Peace

Short Poem – The power of Peace

Do u wish to experience peace?
And enjoy your life at ease?

Remember the thought 💭 ‘ I’m Peace,
Child of the Ocean 🌊 of Peace’;
& get enveloped by waves of peace!

This keeps your mind ever-peaceful 😌
& health, career, relations blissful
thereby your face divine & cheerful! 🙂

Share this joy wherever you go
& blessings will make life ever-glow
making a happier, new world grow!

कविता – करना हमें मन को सम्पूर्ण आजाद!

कविता – करना हमें मन को सम्पूर्ण आजाद!

करे आज संकल्प एक खास, करना हमें मन को सम्पूर्ण आजाद
न हो कमजोरीयों की गुलामी, बनाना सुख-शान्ति सम्पन्न मनःस्थिति
(मन में लानी सम्पूर्ण आजादी.. )

छोड पुरानी बातों का पिंजरा, पाये आन्तरिक ज्ञान का उजियारा
बुद्धि पर कर नियंत्रण, करे दिव्य संस्कारों को जीवन में आमंत्रण
अनुभव करे दुःख-दर्द से मुक्ति, भरकर राजयोग की दिव्य शक्ति
(मन में लानी सम्पूर्ण आजादी.. )

तोड़ विकारो की ज़ंजीरें, फैलाए पावन-पुण्य दिव्यता की तरंगें
सद्गुण अन्तर से करे स्वतंत्र, कर प्रयोग प्रभु-याद का महामंत्र
भूल ग़म की रात अंधियारी, दिव्यगुणों से करे आनंद की अनुभूति
(मन में लानी सम्पूर्ण आजादी.. )

बुजाए बदले की आग, पाये शुभ भावनाओं की शीतल छाव
स्व पर कर कुशल अनुशासन, लाये विश्व में नैतिकता का प्रशासन
कमाकर संतोष की पूँजी, लाये विश्व में सच्ची शान्ति की क्रांति
(मन में लानी सम्पूर्ण आजादी.. )


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पवित्रता की खुशबू ने मन को है महाकाया

पवित्रता की खुशबू ने मन को है महाकाया
ज्ञानयोग की वासधुप ने स्वरूप है निखारा

दृष्टि में समाई सबकी विशेषता, वृत्ति में शक्तिशाली शुभ भावना
सुखदाई बना स्वभाव, सीखा सन्तुष्ट रहना और करना
जिसने लायी सम्बन्धों में सुमधुरता
(पवित्रता की खुशबू ने मन को है महाकाया..)

बोल में आई मधुरता, मीठी मुस्कान से चमक उठा चेहरा
दिव्य-अलौकिक बनी स्मृतियाँ, संकल्प में आई बेहद उदारता
दिल में समाया प्यारा पिता परमात्मा
(पवित्रता की खुशबू ने मन को है महाकाया..)

व्यर्थ को देकर विदाई, जीवन में बजी खुशियों की शहनाई
साधारण-ता से होकर उपराम, महान बन करते विश्व कल्याण
सांसें सफल कर पाई जीवन में सफलता
(पवित्रता की खुशबू ने मन को है महाकाया..)


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Poem – मकर संक्रांति का आनंद-उत्सव

Poem – मकर संक्रांति का आनंद-उत्सव

मकर संक्रांति का आनंद-उत्सव, भरता दिलों में ढेर उमंग

बने पतंग से हल्के, विभिन्न दिव्यगुणों के रंग से सजे
देकर जीवन-डोर प्रभु हाथों में, प्रगति पाए आकाश से ऊँची
पाए सर्वोत्तम खुशियां, प्रभु के संग
(मकर संक्रांति का आनंद-उत्सव, भरता दिलों में ढेर उमंग)

तिल देती आत्मिक स्वरूप की स्मृति, बनाती हमे गुड़ सा मीठा
देकर दुःखों की ठंडी को विदाई, ले गर्म आशाओं की बधाई
सबके जीवन में आये नई तरंग
(मकर संक्रांति का आनंद-उत्सव, भरता दिलों में ढेर उमंग)

देकर कमजोरीयों को ढ़ील, खिंचे दृढ़ संकल्पों की tichki
जोड़के प्रभु से प्रित, अनुभव करे प्रभु-प्रेम की हवाए
भरे जीवन में दिव्यता के रंग
(मकर संक्रांति का आनंद-उत्सव, भरता दिलों में ढेर उमंग)


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Poem – नये साल की खूब बधाईयां, मनाए आज ढेर खुशियां

नये साल की खूब बधाईयां
मनाए आज ढेर खुशियां

पुरानी बातों को देकर विदाई, नये आशाओं की करे बधाई
नव वर्ष में बनाये नया जीवन, सुख-शान्ति-प्रेम से भरा हो अन्तरमन
श्रेष्ठ कर्मों द्वारा मिटाए सबकी परेशानीयां
(नये साल की खूब बधाईयां, मनाए आज ढेर खुशियां)

सजाये स्वयं को दिव्यगुणों के श्रृंगार, करे सभी का धन्यवाद
मनाये सबसे मंगल मिलन, दे शुभ भावनाओं की सौगात
सफलता की पाए सब ऊँचाइयां
(नये साल की खूब बधाईयां, मनाए आज ढेर खुशियां)

ज्ञान-अमृत से होके लवलीन, बांटे सबको दिलखुश मिठाई
खेले ईश्वर संग सर्व-सम्बंधों की रास, गाए प्रभु के दिव्य गुणगान
नव युग की धारण करे दिव्यता
(नये साल की खूब बधाईयां, मनाए आज ढेर खुशियां)

Poem – संतोष सबसे बड़ा है धन

Poem – संतोष सबसे बड़ा है धन

पायी सन्तुष्टता की सर्वश्रेष्ठ पूँजी, जो है सर्व दिव्यगुणों की कुंजी
संतोष सबसे बड़ा है धन, जो तृप्त कर देता अन्तर्मन

सन्तुष्टता से आती प्रसन्नता, सदा वो रहता मुस्कराता
उसका दिल सदा गाता गीत, बनता वह सबका मीत
जिसकी दिव्य सुगंध से महक उठा मन उपवन
(संतोष सबसे बड़ा है धन, जो तृप्त कर देता अन्तर्मन)

संतोष गुण है सबसे मनभावन, बरसाता सबपे सुख सावन
सन्तुष्टता ऐसी है शक्ति, सर्व बातों को जो सहज कर सकती
जिससे आती वाणी में मधुरता, दिव्य बनते हर कर्म
(संतोष सबसे बड़ा है धन, जो तृप्त कर देता अन्तर्मन)

सर्व प्राप्तियों से आती सन्तुष्टता, जिसके लिए जोड़े प्रभु से मित्रता
पाए उनसे सर्व सम्बंधों का सुख, सीखे कैसे रहें सदा खुश
ईश्वरीय ज्ञानयोग से बना मन सुमन, शुद्ध संकल्पों में करता अब रमण
(संतोष सबसे बड़ा है धन, जो तृप्त कर देता अन्तर्मन)


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Poem – दिव्यगुणों से सजाकर बनाया बेहद हसीन

Poem – दिव्यगुणों से सजाकर बनाया बेहद हसीन

ओ मेरे प्रभु
इस विश्व-नाटक में बनाया हमें हीरो-हीरोइन
दिव्यगुणों से सजाकर बनाया बेहद हसीन

दृष्टि में है सौम्यता, वाणी में मधुरता; कर्म में दिव्यता, व्यवहार में रॉयल्टी
वृत्ति बनाकर विशाल, संकल्प किये उदार; सम्बन्ध बने मीठे, सम्पर्क में आई सन्तुष्टी
इत्र सा चरित्र महकाकर, खिलाया हमें रूहानी कली
(दिव्यगुणों से सजाकर बनाया बेहद हसीन… इस विश्व-नाटक में बनाया हमें हीरो-हीरोइन)

दिव्य स्मृति से बनी खुशनुमः स्थिति; चेहरा है हर्षित, चलन अलौकिक
समझ की गहराई ने बनाया रहमदिल; मन है सुगंधित, दिव्य है बुद्धि
रूहानी जादूगर ने गुण-शक्तियों की ऐसी करी जादूगरी
(दिव्यगुणों से सजाकर बनाया बेहद हसीन… इस विश्व-नाटक में बनाया हमें हीरो-हीरोइन)

संस्कारों के परिवर्तन ने बनाया, फरिश्ता वा परियों सा वर्तन
आत्मरियलाइजेशन ने किया पवित्रता-सुख-शान्ति सम्पन्न
अपनी किस्मत के क्या कहने, स्वयं भगवान् बना जीवन साथी
(दिव्यगुणों से सजाकर बनाया बेहद हसीन… इस विश्व-नाटक में बनाया हमें हीरो-हीरोइन)


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दिवाली स्पेशल Poem – आओ जलाये यह शुभ संकल्पों का दिया

दिवाली स्पेशल Poem – आओ जलाये यह शुभ संकल्पों का दिया

आओ जलाये यह शुभ संकल्पों का दिया
सबको देेते रहे, ऐसा बनना हमे दिया
बांटे ढे़र सारी खुशियां

करके पुरानी बातों की सफाई, करे सुख-शान्ति की कमाई
बांटे मधुरता की दिलखुश मिठाई, सबमें निर्मल-प्रेम रहे स्थाई
हर संकल्प में हो नवीनता
(बांटे ढे़र सारी खुशियां…. आओ जलाये यह शुभ संकल्पों का दिया)

फैलाए नई आशाओं का प्रकाश, उमंगों से स्वागत करे नया साल
करके दिव्य गुण-शक्तियों का आह्वान, जीवन में लाये दिव्यता सदाकाल
हर कर्म में हो शुद्धता
(बांटे ढे़र सारी खुशियां…. आओ जलाये यह शुभ संकल्पों का दिया)

सजाए उमंग-उत्साह की रंगोली, मनाएं सुख-आनंद की आतिशबाजी
सबके जीवन में सदा हो लाभ, हर दिन बने दिवाली सा त्योहार
फिर से लाये नई स्वर्णिम दुनिया
(बांटे ढे़र सारी खुशियां…. आओ जलाये यह शुभ संकल्पों का दिया)


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